भारत में केंद्र सरकार की संरचना | कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका की विस्तृत व्याख्या

 

केंद्र सरकार की संरचना — विस्तृत व्याख्या

भारतीय केंद्र सरकार की संरचना बहुत मजबूत, सुव्यवस्थित और विश्व के सर्वश्रेष्ठ लोकतांत्रिक ढाँचों में से एक मानी जाती है।
संविधान निर्माताओं ने भारत को एक संघीय प्रणाली दी, जिसमें केंद्र सरकार को राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और समन्वय का जिम्मा दिया गया है।

केंद्र सरकार भारत के संविधान का भाग V (Article 52–151) में विस्तृत रूप से वर्णित है।

केंद्र सरकार तीन अंगों से मिलकर बनी है:

  1. कार्यपालिका (Executive)

  2. विधायिका (Legislature)

  3. न्यायपालिका (Judiciary)

ये तीनों अंग एक-दूसरे को संतुलित रखते हैं (checks and balances)।


1. कार्यपालिका (Executive) — केंद्र सरकार की रीढ़

कार्यपालिका के पास कानून लागू करने और देश चलाने की वास्तविक शक्ति होती है।

कार्यपालिका में शामिल हैं:
• राष्ट्रपति
• उपराष्ट्रपति
• प्रधानमंत्री
• मंत्रिपरिषद
• प्रशासनिक अधिकारी
• अटॉर्नी जनरल

अब इन सभी को विस्तार से समझते हैं।


⭐ राष्ट्रपति — राष्ट्र का संवैधानिक प्रमुख

अनुच्छेद 52 कहता है कि “भारत में एक राष्ट्रपति होगा।”

राष्ट्रपति प्रतीकात्मक प्रमुख है।
लेकिन उसके पास कई महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार होते हैं।

राष्ट्रपति के मुख्य अधिकार (Detailed)

  1. कार्यपालिका शक्तियाँ
    भारत सरकार की सभी कार्यकारी शक्तियाँ राष्ट्रपति के नाम से चलती हैं।
    वास्तव में प्रधानमंत्री कार्य करता है, लेकिन अधिकार राष्ट्रपति के नाम से जाते हैं।

  2. विधायी शक्तियाँ
    • संसद का सत्र बुला सकता है
    • संसद को स्थगित कर सकता है
    • लोकसभा भंग कर सकता है

  3. अध्यादेश जारी करना (Article 123)
    जब संसद सत्र में न हो, तब राष्ट्रपति कानून जैसा आदेश जारी कर सकता है।

  4. नियुक्ति अधिकार
    • प्रधानमंत्री
    • मंत्रिपरिषद
    • CAG
    • UPSC अध्यक्ष
    • राज्यपाल
    • मुख्य चुनाव आयुक्त
    • सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायधीश

  5. कूटनीतिक शक्तियाँ
    विदेशी प्रतिनिधियों को स्वीकार करना, संधियाँ करना।

  6. माफी देने की शक्ति (Article 72)
    राष्ट्रपति मृत्यु दंड तक माफ कर सकता है।


⭐ उपराष्ट्रपति — राज्यसभा का सभापति

अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत में एक उपराष्ट्रपति होगा।

उपराष्ट्रपति की भूमिका

• राज्यसभा का पदेन सभापति
• राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यकारी राष्ट्रपति


⭐ प्रधानमंत्री — भारत सरकार का वास्तविक प्रमुख

प्रधानमंत्री केंद्र सरकार का सबसे शक्तिशाली पद है।
सारी वास्तविक शक्तियाँ प्रधानमंत्री और उसके मंत्रिमंडल के पास होती हैं।

प्रधानमंत्री की शक्तियाँ (Detailed Explanation)

• पूरे देश की नीतियाँ बनाना
• कैबिनेट बैठकें चलाना
• मंत्रियों को निर्देश देना
• राष्ट्रपति को सलाह देना
• विदेश नीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था आदि संभालना
• संसद में सरकार का नेतृत्व

भारत वास्तव में एक प्रधानमंत्री-प्रधान प्रणाली (Prime Ministerial Government) है।


⭐ मंत्रिपरिषद — केंद्र सरकार का इंजन

अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद होती है।

मंत्रियों के प्रकार

  1. कैबिनेट मंत्री — सबसे शक्तिशाली

  2. राज्य मंत्री — स्वतंत्र प्रभार या विभाग

  3. उपमंत्री — विभाग में सहायता

कैबिनेट की भूमिका

कैबिनेट ही सरकार के सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेती है।
पूरी सरकार कैबिनेट पर आधारित होती है।


⭐ अटॉर्नी जनरल — सरकार का प्रमुख विधिक अधिकारी

अनुच्छेद 76 के अनुसार
भारत सरकार का सर्वोच्च विधिक अधिकारी अटॉर्नी जनरल होता है।

इनका कार्य:
• सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होना
• कानूनी सलाह देना


2. विधायिका (Parliament) — कानून बनाने वाली संस्था

संसद भारत की सर्वोच्च विधायी संस्था है।

संसद तीन हिस्सों से मिलकर बनी है:
• राष्ट्रपति
• राज्यसभा
• लोकसभा


⭐ राज्यसभा —स्थायी सदन

राज्यसभा भारत की स्थायी सदन है।
यह कभी भंग नहीं होती।

मुख्य बातें:
• कुल 245 सदस्य
• 233 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों से
• 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित
• उपराष्ट्रपति सभापति

राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है।


⭐ लोकसभा — जनता का सदन

लोकसभा भारत की सबसे शक्तिशाली सदन है।

लोकसभा की शक्तियाँ:
• सरकार लोकसभा के प्रति उत्तरदायी
• मनी बिल केवल लोकसभा में पेश
• अविश्वास प्रस्ताव
• वास्तविक कानून-निर्माण यहीं होता है

लोकसभा के 543 सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं।


3. न्यायपालिका (Judiciary)

भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट है।

सुप्रीम कोर्ट
• संविधान की रक्षा करता है
• विवादों का निपटारा करता है
• मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है
• केंद्र-राज्य विवादों का समाधान करता है

न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र है।


⭐ केंद्र सरकार की अन्य संस्थाएँ

केंद्र स्तर पर कई महत्वपूर्ण संस्थाएँ भी हैं:

  1. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

  2. वित्त आयोग

  3. चुनाव आयोग

  4. CAG

  5. NITI Aayog

ये संस्थाएँ देश के प्रशासन को मजबूत बनाती हैं।


Top 5 FAQs

Q1. भारत का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख कौन है?

प्रधानमंत्री।

Q2. राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के अंतर्गत स्थापित है?

अनुच्छेद 52।

Q3. लोकसभा और राज्यसभा में मुख्य अंतर क्या है?

लोकसभा जनता द्वारा चुनी जाती है, राज्यसभा राज्य का प्रतिनिधित्व करती है।

Q4. मंत्रिपरिषद और कैबिनेट में क्या अंतर है?

कैबिनेट मंत्रिपरिषद का मुख्य और शक्तिशाली हिस्सा है।

Q5. सुप्रीम कोर्ट का मुख्य कार्य क्या है?

संविधान की रक्षा और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा।

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